कांग्रेस नेताओं ने सरकार और जिला प्रशासन पर उठाए सवाल, बोले खनन बंद होने से रोजगार और स्थानीय कारोबार प्रभावित
बागेश्वर। जनपद की 29 बंद खड़िया खदानों में खनन कार्य शुरू कराने की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी ने खनन पट्टाधारकों और इससे जुड़े लोगों का समर्थन किया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अर्जुन भट्ट के नेतृत्व में पार्टी नेताओं ने सरकार और जिला प्रशासन से मामले में शीघ्र ठोस कार्रवाई करने की मांग उठाई। नेताओं का कहना है कि खनन कार्य ठप रहने से मजदूरों, वाहन संचालकों, स्थानीय व्यापारियों और खनन कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की आजीविका प्रभावित हो रही है।
स्वीकृत पट्टों पर खनन शुरू नहीं होने से बढ़ी परेशानी
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने कहा कि बागेश्वर जनपद की 29 खड़िया खदानों के खनन पट्टे केंद्र और राज्य सरकार से स्वीकृत होने के बावजूद खनन कार्य सुचारू रूप से शुरू नहीं हो पाया है। इसका असर सीधे तौर पर खनन क्षेत्र से जुड़े लोगों की रोजी-रोटी पर पड़ रहा है। खनन गतिविधियां बाधित रहने से स्थानीय कारोबार भी प्रभावित हो रहा है और कई लोगों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा कराना चाहिए, ताकि नियमानुसार खनन कार्य शुरू हो सके और प्रभावित लोगों को राहत मिल सके।
जिला खनन अधिकारी और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल
पूर्व जिलाध्यक्ष लोकमणि पाठक ने खनन कार्य शुरू कराने में हो रही देरी पर चिंता जताई। उन्होंने जिला खनन अधिकारी और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्वीकृत खनन पट्टों से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं को नियमानुसार पूरा कर खनन शुरू कराने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। संबंधित विभागों को मामले का तत्काल संज्ञान लेकर नियमों और निर्धारित मानकों के अनुरूप आगे की कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे खनन कारोबार से जुड़े लोगों को राहत मिल सके।
कांग्रेस ने सरकार पर लगाए आरोप
कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए भ्रष्टाचार को लेकर भी आरोप लगाए। नेताओं का कहना है कि खनन कार्य शुरू नहीं होने से क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने तथा बंद खदानों में खनन शुरू कराने के लिए समयबद्ध कदम उठाने की मांग की।
रोजगार और अर्थव्यवस्था से जुड़ा मुद्दा
बागेश्वर में 29 खड़िया खदानों का बंद रहना अब केवल खनन कारोबार तक सीमित नहीं, बल्कि स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था से जुड़ा विषय बन गया है। खनन गतिविधियों से जुड़े मजदूरों, वाहन संचालकों, व्यापारियों और अन्य लोगों की आजीविका पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए इस मामले में प्रशासन की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फिलहाल खनन पट्टाधारकों और स्थानीय लोगों की निगाहें सरकार तथा जिला प्रशासन के निर्णय पर टिकी हैं। इस दौरान नवीन कुमार, बसंत कुमार, ऋतु देवी,दिनेश कुमार,लोकमणि पाठक, भगवत डसीला, मनोज साह और कुंदन गोस्वामी आदि मौजूद रहे।







