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जल जीवन मिशन के फेज-टू की धीमी गति पर डीएम ने जताई नाराजगी

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जल जीवन मिशन के तहत कराए जा रहे फेज-टू के काम की प्रगति काफी धीमी है। इस पर जिलाधिकारी विनीत कुमार ने नाराजगी जताई है। सख्त लहजे में कहा कि यदि इसमें तेजी नहीं लाई गई तो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी उन्हीं की होगी। लापरहवाही किसी भी स्तर की सहन नहीं होगी।

जिला कार्यालय सभागार में शनिवार को जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक चल रही थी। फेज-टू की प्रगति धीमी होने पर डीएम नाराज हो गए। उन्होंने अधिकारियों से अपनी कार्यशैली में बदलाव लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन योजना भारत सरकार एवं राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रत्येक घर को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराना है। उन्होंने पेयजल निगम, जल संस्थान तथा सिंचार्इ विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके द्वारा इस योजना के अंतर्गत जो भी कार्य कराए जाने हैं, उन्हें तत्काल कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि अभी तक इस योजना के तहत जो व्यक्ति लाभान्वित नहीं हुये है, ऐसे व्यक्तियों की सूची नाम एवं ग्राम पंचायत सहित उन्हें उपलब्ध कराएं। जिलाधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि फेज-वन में स्वीकृत की गई धनराशि तथा अब तक व्यय की गई धनराशि का भी पूर्ण विवरण उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि जिन आंगनबाडी केंद्रों, विद्यालयों तथा स्वास्थ केंद्रों में पेयजल संयोजन नहीं हुआ है, तो इसके लिए त्वरित गति से संयोजन जोड़ें। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा 26 योजनाओं की डीपीआर स्वीकृत की। जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव ने भी आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डीडी पंत, अपर जिलाधिकारी चंद्र सिंह इमलाल, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ सुनीता टम्टा, ईई पेयजल निगम विपिन कुमार रवि, सिंचार्इ एके जॉन, जल संस्थान सीएस देवड़ी आदि मौजूद रहे।

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